मूंगफली से तेल उत्पादन: क्या है सही गणित?

मूंगफली भारतीय रसोई और खाद्य उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब मूंगफली से तेल निकालने की बात आती है, तो दाने में तेल की मात्रा और निष्कर्षण विधि (extraction method) का बड़ा महत्व होता है। आमतौर पर मूंगफली के दानों में लगभग 50% तेल की मात्रा पाई जाती है।

यदि पारंपरिक या आधुनिक प्रेसिंग विधि (pressing method) का उपयोग किया जाए, तो मूंगफली से 80% से 88% तक तेल आसानी से निकाला जा सकता है। प्रेसिंग के बाद भी खली (cake) में थोड़ा तेल रह जाता है, जिसे अवशिष्ट तेल (residual oil) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण के दौरान लगभग 6% तेल खली में बचा रह जाता है, जबकि बाकी का शुद्ध तेल प्राप्त कर लिया जाता है।

हालांकि, ध्यान रखने योग्य एक मुख्य बात यह है कि तेल केवल मूंगफली के दानों (seeds) से ही निकलता है। मूंगफली का बाहरी छिलका या खोल (shell) केवल एक सुरक्षात्मक परत होता है, जिसमें तेल की मात्रा न के बराबर होती है। इसलिए, व्यावसायिक या घरेलू स्तर पर तेल निकालते समय हमेशा छिलका हटाकर केवल साफ दानों का ही उपयोग किया जाता है। सही विधि और अच्छी गुणवत्ता की मूंगफली से आप अधिकतम तेल उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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