मर्द कितने साल तक बाप बन सकता है? (पहला भाग)
पिता बनना जीवन के सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक है। आमतौर पर समाज में यह मान लिया जाता है कि महिलाओं की तरह पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Male Fertility) पर उम्र का कोई असर नहीं पड़ता और वे जीवनभर पिता बन सकते हैं।
पुरुषों की जैविक घड़ी और फर्टिलिटी
महिलाओं के विपरीत, जिनके शरीर में एक निश्चित उम्र (मेनोपॉज) के बाद अंडे बनना पूरी तरह बंद हो जाते हैं, पुरुषों के शरीर में शुक्राणु (Sperm) का निर्माण जीवनभर जारी रहता है। जैविक रूप से एक पुरुष 60, 70 या उससे अधिक उम्र में भी शुक्राणु उत्पन्न कर सकता है। यही कारण है कि अधिक उम्र के पुरुषों के पिता बनने के कई मामले देखने को मिलते हैं।
हालांकि, शुक्राणु बनने का मतलब यह नहीं है कि उनकी गुणवत्ता (Quality) हमेशा एक जैसी बनी रहती है।
उम्र के साथ स्पर्म क्वालिटी में बदलाव
चिकित्सीय शोध यह दर्शाते हैं कि 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी में धीमी गति से ही सही, लेकिन गिरावट आनी शुरू हो जाती है।
स्पर्म काउंट (संख्या):
ढलती उम्र के साथ वीर्य की मात्रा और उसमें मौजूद शुक्राणुओं की कुल संख्या कम होने लगती है। स्पर्म मोटिलिटी (गतिशीलता):
शुक्राणुओं का तैरने का तरीका और उनकी गति धीमी हो जाती है, जिससे उन्हें अंडे तक पहुँचने में अधिक संघर्ष करना पड़ता है। मॉर्फोलॉजी (आकार और बनावट):
अधिक उम्र में असामान्य आकार वाले शुक्राणुओं का प्रतिशत बढ़ने लगता है, जो गर्भधारण की प्रक्रिया को कठिन बना देता है।
टेस्टोस्टेरोन और 'एंड्रोपॉज'
जिस प्रकार महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव होते हैं, उसी प्रकार पुरुषों में भी बढ़ती उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 40 या 50 की उम्र के बाद पिता बनने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम क्या हैं और बेहतर जीवनशैली से फर्टिलिटी कैसे बचाई जा सकती है?
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