रूस की फौज कितनी है? - एक व्यापक विश्लेषण (भाग 1)

वैश्विक भू-राजनीति और सामरिक शक्ति संतुलन में रूस की सैन्य ताकत हमेशा से ही दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चर्चा का केंद्र रही है। सोवियत संघ के विघटन के बाद से रूसी सशस्त्र बलों (Russian Armed Forces) ने अपनी संरचना, आधुनिकीकरण और रणनीतिक नीतियों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। वर्तमान समय में रूस की फौज दुनिया की सबसे ताकतवर और विशाल सेनाओं में गिनी जाती है। इस लेख के पहले भाग में हम रूस की सेना की कुल संख्या, सक्रिय कर्मियों, रिजर्व बल और इसकी समग्र सैन्य संरचना का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।

1. रूसी सेना की कुल संख्या और सक्रिय सैनिक (Active-Duty Personnel)

हालिया सरकारी और सामरिक रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने अपनी सैन्य क्षमता को लगातार मजबूत किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा हस्ताक्षरित डिक्री के अनुसार, रूसी सशस्त्र बलों की कुल अधिकृत क्षमता (Authorized Strength) को बढ़ाकर लगभग 24 लाख (2.4 मिलियन) से अधिक कर्मियों तक पहुंचाया गया है। इसमें सैन्य और गैर-सैन्य दोनों तरह के पद शामिल हैं।

यदि केवल सक्रिय-ड्यूटी (Active-Duty) सैनिकों की बात की जाए, तो रूस की सेवा में लगभग 15 लाख (1.5 million) से अधिक सक्रिय सैनिक हैं। यह संख्या रूस को दुनिया के सबसे बड़े सक्रिय सैन्य बलों वाले देशों की सूची में शीर्ष स्तर पर रखती है। इस संख्या में थल सेना, नौसेना, वायु सेना और रणनीतिक मिसाइल बल शामिल हैं।

2. सैन्य बल की मुख्य श्रेणियां

रूस की सैन्य संरचना को मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन स्तंभों में विभाजित किया जा सकता है:

  • सक्रिय सैन्यकर्मी (Active Personnel): ये वे जवान और अधिकारी हैं जो हर समय पूर्णकालिक रूप से सेवा में तैनात रहते हैं और युद्ध या किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार होते हैं।

  • रिजर्व फोर्स (Reserve Forces): रूस के पास लगभग 15 लाख से अधिक प्रशिक्षित रिजर्व सैनिकों का विशाल भंडार है, जिन्हें आपातकालीन स्थिति या बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने पर बुलाया जा सकता है।

  • अर्धसैनिक बल (Paramilitary Forces): आंतरिक सुरक्षा, सीमा गश्त और विशिष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय गार्ड (Rosgvardia) और सीमा सुरक्षा बलों जैसे अर्धसैनिक संगठन भी रूसी रक्षा तंत्र का अहम हिस्सा हैं, जिनकी संख्या पांच लाख से अधिक है।

3. सैन्य भर्ती और अनुबंध प्रणाली (Contract and Conscription)

रूस में सैनिकों की संख्या को बनाए रखने के लिए पारंपरिक रूप से अनिवार्य सैन्य सेवा (Conscription) का उपयोग किया जाता रहा है। इसके साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने पेशेवर और स्थायी सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट सैनिकों (Contract Soldiers) पर विशेष जोर दिया है। वित्तीय प्रोत्साहन और आकर्षक वेतनमान के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को सेना से जोड़ा जा रहा है, ताकि बिना किसी बड़े और व्यापक जबरन लामबंदी (Mobilization) के रक्षा बलों की संख्या को स्थिर रखा जा सके।

Russia-Ukraine War Update: रूस के 1 लाख 55 हजार सैनिक तैनात, हो सकता है कुछ बड़ा? - TV9

यह वीडियो रूस की सैन्य तैनाती और वर्तमान मोर्चे पर उसकी गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है।

रूस की सैन्य क्षमता और सामरिक ताकत: निष्कर्ष

रणनीतिक विस्तार और परमाणु जखीरा

रूस अपनी सैन्य ताकत को लगातार आधुनिक बनाने और उसका विस्तार करने पर जोर दे रहा है। वर्तमान में रूसी सशस्त्र बलों में सक्रिय सैनिकों की संख्या लगभग 13.2 लाख है, जबकि रिजर्व फोर्स और पैरामिलिट्री बलों को मिलाकर यह कुल संख्या 35 लाख से अधिक हो जाती है। इसके अलावा, रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा (लगभग 5,400 से अधिक वॉरहेड्स) मौजूद है, जो वैश्विक मंच पर उसे एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करता है।

वायुसेना, नौसेना और आधुनिकीकरण

सैनिकों की संख्या के साथ-साथ रूसी रक्षा बजट और हथियारों का आधुनिकीकरण भी इसके प्रभाव को बढ़ाता है। ग्लोबल मिलिट्री रैंकिंग के अनुसार, रूस के पास हजारों की संख्या में टैंक, आधुनिक लड़ाकू विमान और पनडुब्बियां मौजूद हैं। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि रूस पारंपरिक सैन्य बल के साथ-साथ अपनी सामरिक मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी को और अधिक उन्नत कर रहा है।

मुख्य बिंदु: रूस की सैन्य ताकत केवल उसके सैनिकों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका विशाल परमाणु शस्त्रागार और आधुनिक युद्धक सामग्री उसे दुनिया की सबसे घातक सेनाओं में शुमार करते हैं।

अतिरिक्त जानकारी के लिए आप Global Military पर रूस की सैन्य ताकत का विस्तृत डेटा देख सकते हैं।

क्या आप रूस की नौसेना या वायुसेना की ताकत के बारे में और अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं?

Channel News Asia report on Russian military expansion यह वीडियो रूस द्वारा अपनी सशस्त्र सेना के विस्तार और उसकी रणनीतिक तैयारियों के बारे में जानकारी देता है।