इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे महंगी टी20 क्रिकेट लीग में से एक है। हर साल जब यह टूर्नामेंट आयोजित होता है, तो पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें न केवल रोमांचक मुकाबलों पर होती हैं, बल्कि इस बात पर भी टिकी होती हैं कि अंत में चैंपियन बनने वाली टीम को मिलने वाला फर्स्ट प्राइस (प्राइज मनी) कितना है।
आईपीएल प्राइज मनी का ऐतिहासिक सफर
जब साल 2008 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आईपीएल की शुरुआत की गई थी, तब से लेकर अब तक विजेता टीम की पुरस्कार राशि में कई बड़े बदलाव और ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
शुरुआती दौर (2008-2009):
आईपीएल के पहले सीजन में विजेता टीम को फर्स्ट प्राइज के रूप में ₹4.8 करोड़ दिए जाते थे। राशि में बढ़ोतरी (2010-2013):
लीग की लोकप्रियता और बढ़ते कमर्शियल वैल्यू को देखते हुए बीसीसीआई ने इसे बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया। 2014 से 2015:
इस अवधि के दौरान विजेता टीम के लिए इनामी राशि ₹15 करोड़ तय की गई। वर्तमान मानक (2016 से अब तक):
साल 2016 से आईपीएल की विजेता टीम का फर्स्ट प्राइस ₹20 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, साल 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण वित्तीय प्रभावों के चलते इसे घटाकर आधा यानी ₹10 करोड़ कर दिया गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद अगले सीजन से इसे वापस ₹20 करोड़ कर दिया गया।
वर्तमान में विजेता टीम को मिलने वाली कुल राशि
मौजूदा नियमों और वित्तीय ढांचे के अनुसार, आईपीएल के फाइनल मुकाबले में जीत हासिल करने वाली चैंपियन टीम को बतौर फर्स्ट प्राइस ₹20 करोड़ (200 Million INR) नकद राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे विजेता फ्रैंचाइज़ी के खाते में जाती है, जिसका एक बड़ा हिस्सा टीम के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और प्रबंधन के बीच उनकी आंतरिक नीतियों के तहत साझा किया जाता है।
इसके अलावा, सिर्फ विजेता ही नहीं, बल्कि उपविजेता (Runner-up) और अन्य प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों के लिए भी भारी-भरकम प्राइज पूल निर्धारित किया गया है, जिसके बारे में हम इस लेख के अगले भाग में विस्तार से चर्चा करेंगे।
क्या आप जानना चाहते हैं कि रनर-अप और अन्य टीमों को कितनी प्राइज मनी मिलती है?
उपविजेता और अन्य पुरस्कारों की राशि (Runner-up and Other Awards)
IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) में केवल विजेता टीम को ही नहीं, बल्कि उपविजेता (Runner-up) और अन्य स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को भी भारी-भरकम राशि दी जाती है।
उपविजेता टीम: फाइनल मुकाबला हारने वाली यानी दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 13 करोड़ रुपये की राशि मिलती है।
तीसरा स्थान:
क्वालीफायर-2 में हारने वाली टीम (तीसरे स्थान की टीम) को 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। चौथा स्थान:
एलिमिनेटर मुकाबला हारने वाली (चौथे स्थान की) टीम को 6.5 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
व्यक्तिगत पुरस्कार (Individual Awards)
आईपीएल में टीम के प्रदर्शन के अलावा व्यक्तिगत खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए भी नकद पुरस्कारों की बौछार होती है।
ऑरेंज कैप (Orange Cap):
पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को यह पुरस्कार दिया जाता है। परपल कैप (Purple Cap):
पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को परपल कैप से नवाजा जाता है। मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (MVP):
पूरे सीजन में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ी को यह खिताब मिलता है। इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन:
युवा खिलाड़ियों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उभरते हुए सितारे को यह पुरस्कार दिया जाता है।
खिलाड़ियों में पुरस्कार राशि का वितरण
बीसीसीआई (BCCI) के नियमों के अनुसार, विजेता टीम को मिलने वाली 20 करोड़ रुपये की राशि का एक बड़ा हिस्सा फ्रेंचाइजी द्वारा टीम के खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ के बीच उनकी कॉन्ट्रैक्ट शर्तों और प्रदर्शन के आधार पर बांटा जाता है। इससे खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी की नीलामी (Auction) में मिलने वाली सैलरी के अलावा अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी प्राप्त होता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
संक्षेप में कहें तो, आईपीएल का फर्स्ट प्राइस (विजेता राशि) वर्तमान में 20 करोड़ रुपये है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि चालू सीजन में ऑरेंज और परपल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को कितनी राशि मिलती है?
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