क्रिकेट के सीमित ओवरों के प्रारूप यानी वनडे इंटरनेशनल (ODI) में जब भी बड़े और आक्रामक रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो दर्शकों के जेहन में सबसे पहले ताबड़तोड़ चौकों-छक्कों की बरसात की तस्वीर उभर आती है। आधुनिक समय के क्रिकेट में बल्लेबाजों का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है। टेस्ट क्रिकेट की सुस्त चाल से शुरू हुआ यह खेल अब टी20 और टी10 के दौर तक पहुंच गया है, जिसका सीधा असर वनडे फॉर्मेट पर भी देखने को मिलता है। आज के दौर में बल्लेबाज क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर हावी होने का प्रयास करते हैं। यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में अब ऐसे महाशतक देखने को मिलते हैं, जिन पर यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है।

वनडे का वह जादुई रिकॉर्ड: एबी डिविलियर्स (31 गेंद)

जब भी वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक जड़ने की बात आती है, तो दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) का नाम सबसे पहले स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है। 'मिस्टर 360 डिग्री' के नाम से मशहूर डिविलियर्स ने 18 जनवरी 2015 को जोहान्सबर्ग के मैदान पर वह करिश्मा किया, जिसे आज भी क्रिकेट इतिहास का सबसे असंभव और रोमांचक रिकॉर्ड माना जाता है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई उस ऐतिहासिक पारी में डिविलियर्स ने महज़ 31 गेंदों में शतक ठोककर सनसनी फैला दी थी। उन्होंने अपनी इस आक्रामक पारी के दौरान मैदान के चारों तरफ शॉट खेले और विपक्षी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए। इस रिकॉर्ड पारी में उन्होंने कुल 16 गगनचुंबी छक्के और 9 शानदार चौके जड़े। डिविलियर्स ने उस मैच में केवल 44 गेंदों का सामना करते हुए 149 रनों की तूफानी पारी खेली थी। उनका यह रिकॉर्ड आज भी अटूट है और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इसे तोड़ना आने वाले समय में बेहद कठिन चुनौती साबित होगा।

रिकॉर्ड बुक में बदलाव: कोरी एंडरसन और शाहिद अफरीदी

एबी डिविलियर्स से पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के विस्फोटक ऑलराउंडर कोरी एंडरसन के नाम दर्ज था। साल 2014 में कोरी एंडरसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही शानदार बल्लेबाजी करते हुए मात्र 36 गेंदों में शतक ठोक डाला था। एंडरसन की इस ताबड़तोड़ पारी ने कुछ समय के लिए पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था।

वहीं, इससे पहले एक लंबा अरसा ऐसा था जब पाकिस्तान के धुरंधर बल्लेबाज शाहिद अफरीदी का नाम इस सूची में शीर्ष पर था। साल 1996 में श्रीलंका के खिलाफ अपने शुरुआती दिनों में अफरीदी ने महज़ 37 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। उनका यह रिकॉर्ड लगभग 18 वर्षों तक अछूत बना रहा था, जिसे बाद में कोरी एंडरसन और फिर एबी डिविलियर्स ने तोड़ा।

क्या आप इस लेख के अगले भाग में ग्लेन मैक्सवेल और भारतीय बल्लेबाजों के रिकॉर्ड्स के बारे में पढ़ना चाहते हैं?

रिकॉर्ड्स का सफर और आधुनिक क्रिकेट का प्रभाव

वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज शतकों के इस रोमांचक सफर में दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) का नाम सर्वोपरि है। उन्होंने 18 जनवरी 2015 को जोहान्सबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ मात्र 31 गेंदों में शतक ठोककर तहलका मचा दिया था। उनकी इस ऐतिहासिक पारी में 16 गगनचुंबी छक्के और 9 शानदार चौके शामिल थे, जिसने क्रिकेट जगत की परिभाषा ही बदल दी।

अन्य रिकॉर्डधारी खिलाड़ी

डिविलियर्स से पहले यह महारिकॉर्ड न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन (36 गेंदें) और पाकिस्तान के विस्फोटक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी (37 गेंदें) के नाम दर्ज था। इसके अलावा, आधुनिक युग में ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने भी नीदरलैंड्स के खिलाफ मात्र 40 गेंदों में शतक जड़कर इस सूची में अपना नाम मजबूती से दर्ज कराया है।

निष्कर्ष

इन तूफानी पारियों ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट में असंभव कुछ भी नहीं है। जब तकनीक, आत्मविश्वास और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मेल होता है, तो वर्षों पुराने रिकॉर्ड्स पानी की तरह बह जाते हैं। यह आक्रामक रुख आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को हमेशा बड़े शॉट्स खेलने और मैच का रुख पलटने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

विशेष टिप: क्या आप जानना चाहते हैं कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है?