शब्द क्या होता है?

हम रोजाना बोलते हैं, पढ़ते हैं और लिखते हैं। लेकिन कभी सोचा है कि हम जो बोलते हैं, उसका एक-एक टुकड़ा — यानी शब्द — कैसे बनता है? सीधे शब्दों में कहें तो, दो या दो से अधिक वर्णों के सार्थक मेल को शब्द कहते हैं

जैसे, 'घर' एक शब्द है — यह 'घ' और 'अ' के मेल से बना है। अगर वर्ण अर्थहीन हों, तो वह शब्द नहीं कहलाएगा। इसलिए अर्थपूर्ण होना शब्द की पहचान है।

भाषा में शब्दों का बहुत महत्व है। बिना शब्दों के हम अपने विचार नहीं बता सकते। चाहे बोलना हो या लिखना — हर जगह शब्दों का सहारा लेते हैं।

हिंदी में शब्द वर्णमाला के अक्षरों से मिलकर बनते हैं। कुछ शब्द छोटे होते हैं, जैसे 'मैं', 'तू', 'पानी'। कुछ बहुत लंबे भी हो सकते हैं, जैसे विदेशी शब्द या तत्सम शब्द। लेकिन सभी का आधार एक ही है — अर्थपूर्ण वर्णों का संयोजन।

ऐसे में यह समझना जरूरी है कि शब्द केवल अक्षरों का ढेर नहीं, बल्कि भाषा की जान होता है। शब्द वह

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