1 का परम मित्र क्या है?
1 का परम मित्र 9 है। क्यों? क्योंकि दो अंकों का योग जब 10 होता है, तो वे एक-दूसरे के परम मित्र कहलाते हैं। यह धारणा वैदिक गणित पर आधारित है, जहाँ 10, 100 या 10 की कोई भी घात गणना का आधार मानी जाती है।
उदाहरण के लिए, 1 + 9 = 10 होता है, इसलिए 1 और 9 परस्पर पूरक अंक (परम मित्र) हैं। इसी तरह 2 का परम मित्र 8 है, 3 का 7, और इसी तरह आगे।
यह विचार न सिर्फ गणित को सरल बनाता है, बल्कि मन में तेजी से हिसाब लगाने में भी मदद करता है। वैदिक गणित में इस विधि का उपयोग जोड़, घटाव और यहां तक कि गुणा की गति बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।
अगल बार जब आप 10 बनाने के लिए किसी अंक को ढूंढ रहे हों, तो याद रखें—वह उसका परम मित्र है। और 1 के लिए, वह मित्र है—9।
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