1 साल में 366 दिन क्यों होते हैं?
आपने कभी सोचा है कि क्यों कभी-कभी फरवरी में 29 दिन होते हैं और साल में कुल 366 दिन हो जाते हैं? इसका कारण है – लीप वर्ष।
हमारा साल सूर्य की परिक्रमा पर आधारित है। पृथ्वी को सूर्य के चारों ओर एक पूरा चक्कर लगाने में लगभग 365 दिन और 6 घंटे यानी लगभग 365.25 दिन लगते हैं। यानी हर साल एक चौथाई दिन का अतिरिक्त समय बच जाता है।
इस छोटे से अंतर को नजरअंदाज करने पर समय के साथ कैलेंडर ऋतुओं से असंगत होने लगता। इसीलिए हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है, ताकि सभी चीजें सही समय पर बनी रहें। इस अतिरिक्त दिन को 29 फरवरी के रूप में जोड़ा जाता है और वह साल लीप वर्ष कहलाता है।
लीप वर्ष नियम के अनुसार हर 4 साल में आता है, लेकिन फिर भी कुछ अपवाद हैं। उदाहरण के लिए, वह सदी वर्ष (जैसे 1900) जो 400 से विभाज्य नहीं होते, लीप वर्ष नहीं होते। इस तरह गणना और भी सटीक रहती है।
तो अगली बार जब आप
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