क्रिकेट बॉल कैसे बनती है?

क्रिकेट की बॉल बनाने की प्रक्रिया सदियों पुरानी है, लेकिन आज भी इसमें पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल होता है। यह गेंद सिर्फ एक खिलौना नहीं, बल्कि खेल के मैदान में रोमांच का केंद्र होती है।

इसके अंदरूनी हिस्से में एक काग का बीजकोष होता है, जो गेंद को आकार देता है और उसकी कठोरता तय करता है। इस बीजकोष को मजबूत धागे से कसकर लपेटा जाता है, ताकि वह मैदान पर तेजी से उछल सके। इसके बाद इस पूरे ढांचे को उच्च गुणवत्ता वाले चमड़े से ढक दिया जाता है।

गेंद की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी थोड़ी उठी हुई सीम होती है। यह सीम न सिर्फ गेंद को मजबूती देती है, बल्कि गेंदबाजों को एयरफ्लो में बदलाव करके गेंद को स्विंग कराने में मदद करती है। लाल रंग की गेंद पारंपरिक टेस्ट मैचों में इस्तेमाल होती है, जबकि सफेद गेंद वनडे और टी20 मैचों में देखी जाती है।

हाथ से सिलाई गई गेंदें आज भी श्रेष्ठ मानी जाती हैं, क्यों

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