आईपीसी की धारा 129 क्या कहती है?

आईपीसी की धारा 129 उन सार्वजनिक कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती करती है, जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतते हुए किसी कैदी के भाग जाने की अनुमति दे देते हैं। यह धारा उन लोगों पर लागू होती है जो सरकारी कर्मचारी होते हुए भी किसी जेल, अस्पताल या अन्य निरोध स्थान में रखे गए कैदी की देखरेख कर रहे होते हैं।

अगर ऐसा सरकारी कर्मचारी, जिसकी ड्यूटी कैदी को सुरक्षित रखने की हो, जानबूझकर या लापरवाही से कैदी के भाग जाने को रोकने में असफल रहता है, तो वह खुद भी आपराधिक दृष्टि से दोषी माना जाता है। धारा के अनुसार, ऐसा कर्मचारी जो उपेक्षा से कैदी के भाग जाने को सहन करता है, वह आपराधिक रूप से दोषी होगा।

इसमें न तो जानबूझकर मदद करने की आवश्यकता है और न ही कोई बड़ी साजिश। सिर्फ लापरवाही भरने का आरोप काफी होता है। यह धारा खासकर युद्धबंदी या गंभीर अपराधी जैसे खतरनाक व्यक्तियों के मामले में महत्वपूर्ण हो जाती है, क्यों

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