13 नंबर को अशुभ क्यों माना जाता है?

दुनियाभर में ऐसे कई अंधविश्वास हैं, जिनमें से एक है 13 नंबर को अनलकी या अशुभ मानना। बहुत से देशों में लोग 13 तारीख को कोई नया काम शुरू करने से बचते हैं, और कई होटलों में तो 13वीं मंजिल या कमरे का नंबर 13 ही नहीं होता। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस एक नंबर से लोग इतना डरते क्यों हैं?

इस धारणा की जड़ें मुख्य रूप से पश्चिमी संस्कृति और ईसाई मान्यताओं से जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि ईसा मसीह के अंतिम भोजन यानी 'द लास्ट सपर' में कुल 13 लोग शामिल थे। उनमें से 13वें नंबर की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति वही था जिसने आगे चलकर उनके साथ बड़ा विश्वासघात किया। जिस दिन यह घटना घटी, उस दिन भी 13 तारीख ही थी। इसी वजह से लोग 13 नंबर और 13 तारीख को असफलता और दुर्भाग्य से जोड़कर देखने लगे।

इसके अलावा, प्राचीन काल से 12 नंबर को पूर्णता का प्रतीक माना जाता रहा है—जैसे साल में 12 महीने, 12 राशियां और घड़ी में 12 घंटे। इसलिए 12 के ठीक बाद आने वाला नंबर 13 लोगों को मानसिक रूप से अधूरा और असंतुलित लगता है। 13 नंबर के इस डर को विज्ञान की भाषा में 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया' कहा जाता है। हालांकि, यह केवल एक सामाजिक और सांस्कृतिक अंधविश्वास है, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

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