हिन्दी भाषा में स्वर और उनकी सही संख्या

हिन्दी वर्णमाला में स्वरों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि हिन्दी में स्वरों की कुल संख्या कितनी होती है—11 या 13? आइए इस विषय को सरलता से समझते हैं।

मानक हिन्दी व्याकरण के अनुसार, हिन्दी में मूल रूप से 11 स्वर होते हैं। ये 11 स्वर हैं: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ और औ। इन ध्वनियों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के स्वतंत्र रूप से किया जाता है।

फिर 13 स्वर की बात क्यों कही जाती है? दरअसल, पारंपरिक रूप से और प्राथमिक कक्षाओं की किताबों में दो अन्य वर्णों—'अं' (अनुस्वार) और 'अः' (विसर्ग) को भी स्वरों के साथ लिखकर गिनती 13 बता दी जाती है। हालांकि, व्याकरण के नियमों के अनुसार इन दोनों वर्णों को 'अयोगवाह' कहा जाता है। ये न तो पूरी तरह स्वर होते हैं और न ही व्यंजन, बल्कि स्वरों के सहारे चलते हैं।

इसलिए, यदि शुद्ध व्याकरणिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो हिन्दी में स्वरों की प्रामाणिक संख्या 11 ही मानी जाती है।

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