धारा 142 आईपीसी: गैर कानूनी जमाव में भाग लेना क्यों है अपराध?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 142 उस व्यक्ति पर लागू होती है जो जानबूझकर किसी गैर कानूनी जमाव में शामिल होता है। इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी कि वह जमाव अवैध है, उसमें भाग लेता है, तो वह अपराध का दोषी माना जाता है।
गैर कानूनी जमाव से तात्पर्य ऐसे समूह से है जो किसी अपराध को अंजाम देने, हिंसा फैलाने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के इरादे से एकत्र होता है। भारतीय कानून के तहत, प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जमाव को भंग करने के आदेश के बावजूद वहां टिके रहना भी इसी धारा के दायरे में आता है।
धारा 142 सिर्फ भीड़ में खड़े होने तक सीमित नहीं है। यह तब लागू होती है जब व्यक्ति के पास जानबूझकर अवैध कार्य में शामिल होने का इरादा हो। इसलिए, यह धारा सामाजिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से बनाई गई है।
उदाहरण के लिए, यदि कोई भीड़ प्रशासन क
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।