धारा 151 CrPC: कब होती है गिरफ्तारी?

भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 151 किसी अपराध को रोकने के लिए पुलिस को दी गई एक विशेष शक्ति है। यह धारा तब लागू होती है जब पुलिस अधिकारी को लगता है कि कोई व्यक्ति जल्द ही एक संज्ञेय अपराध करने वाला है।

इस धारा के तहत कोई वारंट या मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना भी गिरफ्तारी की जा सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब अधिकारी को पक्का यकीन हो कि अगर इस व्यक्ति को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह अपराध अवश्य करेगा। यानी यह केवल आधारहीन शक पर नहीं, बल्कि तर्कसंगत संदेह पर आधारित होना चाहिए।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति भीड़ में हिंसा भड़काने की धमकी दे रहा है या हथियार लेकर किसी अपराध की तैयारी कर रहा है, तो पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार कर सकती है।

हालांकि, यह शक्ति अत्यधिक संवेदनशील है। अगर पुलिस इसे दुरुपयोग करती है, तो आरोपित व्यक्ति के पास कानूनी अधिकार होते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2

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