153 का मतलब क्या होता है?

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है। यह उन लोगों के खिलाफ लागू होती है जो जाति, धर्म, रंग या भाषा के आधार पर अलगाव पैदा करने या दुर्भावना फैलाने का काम करते हैं।

धारा 153 का उद्देश्य सामाजिक शांति बनाए रखना है।

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी बातें कहता है या कार्य करता है जिससे अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़े, तो उस पर इस धारा के तहत कार्रवाई हो सकती है। यह खासकर तब लागू होती है जब ऐसे कामों से उपद्रव या दंगा जैसी स्थिति पैदा हो।

अगर इस तरह के प्रकोपन के चलते उपद्रव की घटना होती है, तो आरोपी को एक वर्ष तक की सजा या जुर्माने या फिर दोनों की सजा हो सकती है। यह कानून सिर्फ भाषण तक सीमित नहीं है – लिखित सामग्री, सोशल मीडिया पोस्ट या किसी भी तरह का प्रचार भी इसके दायरे में आ सकता है।

इस धारा के जरिए भारत के संवैधानिक मूल्यों – जैसे एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव – की

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