1947 में पाकिस्तान की आबादी और उसका धार्मिक ढांचा
15 अगस्त 1947 को जब भारतीय उपमहाद्वीप का विभाजन हुआ और एक नए देश के रूप में पाकिस्तान अस्तित्व में आया, तब उसकी जनसांख्यिकी (demographics) आज के मुकाबले काफी अलग थी। विभाजन के समय 1947 में पाकिस्तान की कुल आबादी लगभग 4 करोड़ थी। इसमें तत्कालीन पश्चिम पाकिस्तान (जो आज का पाकिस्तान है) और पूर्वी पाकिस्तान (जो 1971 में बांग्लादेश बना) दोनों क्षेत्र शामिल थे।
1947 में जब सीमाओं का निर्धारण हुआ, तो बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ। आंकड़ों के अनुसार, उस समय पाकिस्तान की कुल जनसंख्या में लगभग 96 फीसदी आबादी मुस्लिम थी। हालांकि, विभाजन के तुरंत बाद हुए इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रवास के दौरान लाखों हिंदू और सिख भारत आए, जबकि भारत से लाखों मुस्लिम पाकिस्तान गए।
विभाजन के शुरुआती दिनों में पाकिस्तान की मुख्य चुनौती अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को खड़ा करना और शरणार्थियों के पुनर्वास की समस्या को संभालना था। उस समय की 4 करोड़ की यह आबादी आज बढ़कर 24 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। लेकिन 1947 के आंकड़े पाकिस्तान के इतिहास, उसके गठन और उसके जनसांख्यिकीय आधार को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
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