अंक ज्योतिष: संख्याओं का रहस्य

2 अंक चंद्रमा का होता है, जो संवेदनशीलता, भावनाओं और कल्पनाशक्ति को दर्शाता है। वैसे ही जैसे 1 अंक सूर्य का होता है, वैसे 2 अंक चंद्र का होता है। हर संख्या का एक ग्रह से जुड़ाव माना जाता है। 3 का स्वामी गुरु, 4 का राहु, 5 का बुध, 6 का शुक्र, 7 का केतु, 8 का शनि और 9 का स्वामी मंगल है।

अंक ज्योतिष में मूलांक, भाग्यांक और नामांक की गणना करके व्यक्ति के स्वभाव, करियर और जीवन के उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी दी जाती है। मूलांक जन्म तारीख से निकाला जाता है। जैसे अगर कोई 21 तारीख को पैदा हुआ है, तो 2 + 1 = 3, तो उसका मूलांक 3 होगा।

भाग्यांक जन्म तारीख, महीना और वर्ष को जोड़कर निकाला जाता है। यह व्यक्ति के भविष्य के बारे में संकेत देता है। अंक ज्योतिष के विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्याएं सिर्फ गणित का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन के पैटर्न को समझने की कुंजी हैं।

उदाहरण के लिए, जिन लोगों का मूलांक 2 होता है, वे

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