भारत में तेजी से बढ़ती करोड़पतियों की संख्या

दुनियाभर में अमीरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। क्रेडिट सुइस और वैश्विक वित्तीय रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2021 के अंत तक दुनिया में लगभग 6.25 करोड़ लोग करोड़पति (मिलियनेयर) की श्रेणी में शामिल थे। इस वैश्विक उछाल का एक बड़ा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिला है।

भारत में करोड़पतियों का आंकड़ा

यदि हम विशेष रूप से भारत की बात करें, तो विभिन्न वैश्विक आर्थिक सर्वेक्षणों और क्रेडिट सुइस की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट 2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 7.96 लाख से 8 लाख ऐसे व्यक्ति थे जिनके पास एक मिलियन डॉलर (यानी करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक) या उससे ज्यादा की संपत्ति थी। भारतीय शेयर बाजार, जैसे कि निफ्टी बैंक और सेंसेक्स में दर्ज की गई रिकॉर्ड बढ़त ने घरेलू स्तर पर धन सृजन (वेल्थ क्रिएशन) को काफी रफ्तार दी है।

आर्थिक विकास और भविष्य की राह

भारत में रियल एस्टेट, स्टार्टअप ईकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के कारण अमीर वर्ग की संपत्ति में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजारों में सकारात्मक रुझान और मजबूत आर्थिक नीतियों के चलते आने वाले सालों में देश के भीतर हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) की संख्या में और भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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