2050 तक की दौड़ में चीन और भारत

2050 तक दुनिया के सबसे बड़े सुपर पावर कौन बनेंगे, इस बारे में अक्सर चर्चा होती है। News18 हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय तक चीन और भारत वैश्विक ताकत के तौर पर उभर चुके होंगे, जबकि अमेरिका धीरे-धीरे पीछे हटता नजर आएगा।

चीन पहले से ही अपनी आर्थिक ताकत, तकनीकी प्रगति और वैश्विक निवेश के जरिए दुनिया में अपनी जगह बना चुका है। बेल्ट एंड रोड पहल जैसे प्रोजेक्ट्स ने उसके प्रभाव को और बढ़ा दिया है। वहीं, भारत अपनी युवा आबादी, बढ़ती आर्थिक वृद्धि और डिजिटल इनोवेशन के बल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दशकों में भारत की जनसंख्या और उपभोक्ता बाजार उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका दिलाएंगे। अमेरिका हालांकि अभी भी एक प्रमुख शक्ति है, लेकिन बदलते वैश्विक संतुलन के साथ उसका आर्थिक वजन कम हो सकता है।

हालांकि, भविष्य कभी सौ प्रतिशत तय नहीं होता। राजनीत

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