25 मार्च: उषा मेहता और नार्मन बोरलॉग की जयंती
25 मार्च की तारीख भारतीय इतिहास और वैश्विक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इसी दिन, 1920 में भारत की महान स्वाधीनता सेनानी उषा मेहता का जन्म हुआ था। महज 12 साल की उम्र में, उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। बाद में, उन्होंने गुप्त रेडियो कांग्रेस के माध्यम से ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन की आवाज बुलंद की। उनकी बहादुरी और समर्पण के कारण, उन्हें जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उनका जज्बा कभी नहीं टूटा।
इसी तारीख को एक अन्य महान व्यक्ति के जीवन की शुरुआत हुई — अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक नार्मन बोरलॉग। 1914 में जन्मे बोरलॉग को हरित क्रांति का जनक कहा जाता है। उनके शोध और नई फसल प्रणालियों ने भारत सहित कई विकासशील देशों में अकाल को रोकने में अहम भूमिका निभाई। इस काम के लिए उन्हें 1970 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस तरह, 25 मार्च न क
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