तुतारा: प्रकृति का अनोखा तीन आँखों वाला जीव

क्या आपने कभी किसी ऐसे जीव के बारे में सुना है जिसकी तीन आँखें होती हैं? न्यूजीलैंड में पाया जाने वाला तुतारा (Tuatara) एक बेहद दुर्लभ और प्राचीन जीव है, जो डायनासोर के समय से पृथ्वी पर मौजूद है। इसे अक्सर 'जीवित जीवाश्म' भी कहा जाता है, क्योंकि इसका इतिहास करोड़ों साल पुराना है।

इस अद्भुत जीव की सबसे बड़ी खासियत इसकी तीसरी आँख है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'पार्श्विका आँख' (Parietal Eye) कहा जाता है। यह सिर के ठीक ऊपर स्थित होती है। जब तुतारा छोटा (किशोर) होता है, तो यह आँख साफ दिखाई देती है, लेकिन जैसे-जैसे वह वयस्क होता है, यह शल्कों (scales) की एक पतली परत से ढक जाती है।

इस तीसरी आँख में एक साधारण रेटिना, लेंस और मस्तिष्क से जुड़ी नसें होती हैं। हालांकि यह हमारी सामान्य आँखों की तरह स्पष्ट तस्वीरें नहीं देखती, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि यह प्रकाश और अंधेरे में अंतर करने तथा सूर्य के प्रकाश से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। तुतारा न केवल अपनी अनूठी तीसरी आँख के कारण, बल्कि अपने अनोखे जीवनकाल और प्राचीन विशेषताओं के कारण भी प्रकृति का एक अद्भुत रहस्य है।

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