दुनिया भर से गांधी जी को कैसे मिलते थे पत्र?
आज जब हम ईमेल और मैसेज के ज़माने में रहते हैं, तो कल्पना करना मुश्किल है कि कोई व्यक्ति इतना प्रसिद्ध हो कि उनके नाम पर बिना पूरा पता लिखे भी उन तक डाक पहुँच जाए। लेकिन महात्मा गांधी के साथ ऐसा ही होता था। दुनिया भर के लोग उन्हें सिर्फ "महात्मा गांधी, इंडिया" लिखकर पत्र भेजते थे, और वो पत्र उन तक पहुँच भी जाते थे।
इसकी सबसे बड़ी वजह थी गांधी जी की वैश्विक पहचान। वे न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि दुनिया भर में अहिंसा और सत्याग्रह के प्रतीक थे। उनका नाम इतना मशहूर था कि डाक विभाग के लोग भी जानते थे कि गांधी जी अभी कहाँ हैं।
दरअसल, गांधी जी लगातार यात्राओं पर रहते थे। चाहे गुजरात के आश्रम में रह रहे हों या बंगाल या दक्षिण भारत की यात्रा पर, उनके स्थान की जानकारी देशवासियों के बीच तुरंत फैल जाती थी। इसलिए पत्र लिखने वालों को पूरा पता लिखने की जरूरत नहीं पड़ती थी।
यह भी एक सच्चाई है कि उनके
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