वृत्त में 360 डिग्री क्यों होती हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि एक वृत्त को ठीक 360 डिग्री में क्यों बाँटा जाता है? इसके पीछे की कहानी प्राचीन बेबीलोन के गणितज्ञों तक जाती है। उन्होंने 60 को अपनी संख्या प्रणाली का आधार बनाया था, जिसे 'षट्सठारी प्रणाली' कहा जाता है। यही कारण है कि आज भी हम 60 सेकंड में एक मिनट और 60 मिनट में एक घंटा मानते हैं।

बेबीलोनियों को समबाहु त्रिभुज पसंद था। उन्होंने तय किया कि एक समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60 डिग्री होगा। अब, जब आप छह समबाहु त्रिभुजों को एक-दूसरे के साथ जोड़ते हैं, तो वे एक पूर्ण वृत्त जैसा आकार बनाते हैं। चूँकि हर त्रिभुज का कोण 60 डिग्री है, तो 6 त्रिभुजों के साथ कुल कोण होगा: 6 x 60 = 360 डिग्री।

इस तरह, 360 डिग्री का विचार गणित और ज्यामिति के सुंदर संगम से उभरा। यह संख्या न केवल गणना के लिहाज से सुविधाजनक है, बल्कि सूर्य वर्ष के निकटतम भी थी, जिसमें 365 दिन होते हैं। इसलिए 360 एक ऐसी निकटतम

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