लीप ईयर क्या होता है?
आपने कभी गौर किया है कि कुछ सालों में फरवरी महीने में 29 दिन होते हैं? ऐसे साल को हम लीप ईयर यानी कबीस का साल कहते हैं। आमतौर पर एक साल में 365 दिन होते हैं, लेकिन हर चार साल के बाद एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है। इस तरह उस साल के 366 दिन हो जाते हैं।
लेकिन ये अतिरिक्त दिन क्यों जोड़ा जाता है? दरअसल, धरती को सूरज के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में लगभग 365.25 दिन लगते हैं। यानी हर साल लगभग 6 घंटे का अतिरिक्त समय बच जाता है। चार साल में ये समय एक पूरे दिन के बराबर हो जाता है। इसीलिए चौथे साल फरवरी को 29 दिन दे दिए जाते हैं, ताकि हमारा कैलेंडर सूरज के समय से मेल खाता रहे।
इसलिए जब भी आप 29 फरवरी को कैलेंडर पर नजर डालें, तो जान लें कि ये एक खास साल है – एक लीप ईयर! ऐसा करने से गर्मी, सर्दी, बारिश जैसे मौसम हमेशा अपने सही समय पर रहते हैं।
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