लीप ईयर क्यों आता है?

आपने कभी सोचा है कि फरवरी का महीना सामान्यतः 28 दिन का होता है, लेकिन हर चार साल में अचानक 29 दिन का क्यों हो जाता है? इसे ही हम लीप ईयर कहते हैं।

दरअसल, पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करने में लगभग 365 दिन और लगभग 6 घंटे (यानी 0.242 दिन) का समय लेती है। यानी हर साल लगभग छह घंटे का अतिरिक्त समय बच जाता है। यह समय छोटा लगे, लेकिन चार साल में यह लगभग एक पूरे दिन के बराबर हो जाता है।

इसी समय के संतुलन के लिए, हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन मिलाया जाता है — 29 फरवरी। इससे हमारा कैलेंडर सौर वर्ष के साथ सही ढंग से मेल खाता रहता है। वरना धीरे-धीरे मौसम और तिथियाँ आपस में बिखर जातीं।

हालाँकि, यह नियम भी पूरी तरह सटीक नहीं है। इसलिए हर 100 साल में लगभग तीन लीप ईयर छोड़े जाते हैं, ताकि समय का हिसाब बिलकुल सही रहे। लेकिन सामान्य भाषा में, हर चार साल में लीप ईयर आता है — और यह प्रकृति के साथ समय के नाटकीय समन्वय की एक खूबसूर

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