धारा 42 सीआरपीसी: क्या आप नाम और पता नहीं बता सकते?
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 42 उस स्थिति को स्पष्ट करती है जब कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी के सामने एक असंज्ञेय अपराध (Non-Cognizable Offense) करता है या उस पर ऐसे अपराध का आरोप लगाया जाता है। अगर वह व्यक्ति पुलिसकर्मी के आग्रह के बावजूद अपना नाम और निवास बताने से इंकार करता है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।
यह धारा तभी लागू होती है जब अपराध की घटना या आरोप पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में होता है। असंज्ञेय अपराध वे होते हैं जिनमें पुलिस तुरंत गिरफ्तारी नहीं कर सकती, जैसे छोटे झगड़े, मारपीट या मानहानि। लेकिन अगर व्यक्ति नाम और पता नहीं बताता, तो पुलिस को उसे रोकने और पूछताछ के लिए गिरफ्तार करने का अधिकार मिल जाता है।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग पुलिस के सामने जानबूझकर गायब न हो जाएँ या अपनी पहचान छिपाकर कानून की अवहेलना न करें। हालाँकि, यह अध
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