जिला प्रशासन और जिलाधिकारी की भूमिका
भारत में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत हर जिले की कमान एक प्रशासनिक अधिकारी के हाथ में होती है, जिसे सामान्य बोलचाल में जिले का मालिक या जिलाधिकारी (डीएम) कहा जाता है। हालांकि "मालिक" शब्द का इस्तेमाल अनौपचारिक रूप से होता है, लेकिन वास्तव में डीएम जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक और कार्यकारी अधिकारी होते हैं।
एक जिलाधिकारी यानी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का मुख्य काम जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना, राजस्व वसूलना और सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारना होता है। जब बात पांच जिलों की आती है, तो आम तौर पर एक प्रशासनिक जिले का प्रभार एक ही डीएम के पास होता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों या बड़े प्रशासनिक ढांचों में प्रशासनिक कमिश्नर (संभागीय आयुक्त) कई जिलों के प्रभारी या प्रमुख होते हैं।
संक्षेप में कहें तो, जिले के भीतर शांति स्थापित करने, आपदा प्रबंधन संभालने और विकास कार्यों की निगरानी करने की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारी की ही होती है।
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