पृथ्वी की आठ परतें: भूगर्भ से लेकर भूकेंद्र तक
पृथ्वी केवल एक ठोस गोला नहीं है। यह कई परतों में बंटी है, जिन्हें दो तरह से समझा जाता है – रचना (composition) और यांत्रिक गुण (mechanical behavior) के आधार पर। इन्हीं आधारों पर पृथ्वी की 8 प्रमुख परतें मानी जाती हैं।
सबसे ऊपरी परत क्रस्ट है, जहाँ हम रहते हैं। यह पतली होती है – समुद्र तल के नीचे और महाद्वीपों के नीचे अलग-अलग मोटाई की। इसके नीचे मेंटल है, जो पृथ्वी का सबसे बड़ा भाग है। यह ठोस तो है, लेकिन गर्मी के कारण धीमी गति से बहता रहता है।
क्रस्ट और मेंटल के ऊपरी हिस्से मिलकर लिथोस्फीयर बनाते हैं – यह ठोस और भंगुर होता है। इसके ठीक नीचे एस्थेनोस्फीयर है, जो थोड़ा लचीला होता है और टेक्टोनिक प्लेट्स को चलने देता है।
गहराई में जाने पर मेंटल का निचला हिस्सा मेसोस्फीयर कहलाता है, जहाँ दबाव इतना ज्यादा होता है कि पिघली चट्टान भी ठोस बनी रहती है।
फिर आता है कोर,
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