जर्सी गाय: भारतीय डेयरी उद्योग की असली हीरो

जर्सी गाय वास्तव में एक ऐसी नस्ल है जिसने भारतीय किसान के दिन बदल दिए। हालांकि यह गाय का नाम भले ही जर्सी द्वीप के नाम पर पड़ा हो, जो इंग्लैंड के पास है, लेकिन इसका असर भारत के गांव-गांव में दिखता है। यह नस्ल पश्चिमी यूरोप और ब्रिटेन की मूल नस्ल है, लेकिन अपनी गुणवत्ता के कारण यह भारत में भी जल्दी घर बना बैठी।

अंग्रेजी राज के दौरान, जब भारत में डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने की जरूरत महसूस हुई, तो जर्सी गायों को यहां लाया गया। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि ये गर्म मौसम में भी आसानी से अनुकूलित हो जाती हैं। न सिर्फ ये ठंडे इलाकों के लिए ही थीं, बल्कि भारत की गर्म धरती पर भी ये खूब दूध देने लगीं।

आज जब भी बात दूध की आती है, जर्सी गाय का नाम सबसे आगे आता है। इनके दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है, जिसके चलते यह दही, मक्खन और क्रीम बनाने के लिए बेहद उपयुक्त है। पिछले

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