मोर रोता क्यों है?

क्या आपने कभी सोचा है कि मोर रोता क्यों है? एक लोकप्रिय मान्यता के मुताबिक, मोर अपने बदसूरत पैरों को देखकर उदास हो जाता है। हालाँकि, यह कथा ज्यादा कवितापूर्ण है और प्रकृति के प्रति इंसानी भावनाओं को उस पर थोपने का नतीजा है। वैज्ञानिक रूप से, मोर न तो रोता है और न ही उसे अपने पैरों से कोई शिकायत है।

मोर की आवाज़ कभी-कभी उदासी जैसी लग सकती है, खासकर बरसात के मौसम में।

लेकिन यह आवाज़ उसकी प्रजनन ऋतु का हिस्सा है। नर मोर अपने शानदार पंख फैलाकर मादा को आकर्षित करता है। इस दौरान वह खास ध्वनि निकालता है, जो कुछ लोगों को रोने जैसी लग सकती है। लेकिन वास्तव में यह एक प्रकार का संचार है।

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और प्रकृति की खूबसूरती का प्रतीक। उसकी चमकीली बालियाँ, आकर्षक नृत्य और आवाज़ इसे अनोखा बनाते हैं। इसलिए अगली बार जब आप मोर की आवाज़ सुनें, तो याद रखें — वह शायद उदास नहीं, बल्कि अपनी प्रेम कहानी बय

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय