भारत का राष्ट्रीय पशु: बाघ
बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु के रूप में सन् 1972 में घोषित किया गया था। इसकी घोषणा नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड द्वारा की गई थी। यह फैसला न केवल बाघ की प्रतीकात्मक महत्ता को सम्मान देने के लिए था, बल्कि इसके संरक्षण के प्रति एक सुस्पष्ट संकल्प भी था।
उसी वर्ष – 1972 में – प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की गई। यह भारत के इतिहास में किसी वन्य जीव को बचाने के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी पहल थी। बाघों की संख्या में तेजी से गिरावट देखते हुए इस परियोजना को लागू किया गया था। समय के साथ, इसने देश भर में बाघ अभयारण्यों की स्थापना की ओर अग्रसर किया।
बाघ केवल एक जानवर नहीं है; वह हमारे वनों के स्वास्थ्य, पारिस्थितिक संतुलन और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके राष्ट्रीय पशु घोषित होने के पीछे यही भावना थी। आज भी, बाघ की छवि भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रीय पहचान में गहराई से बसी हुई है।
हर साल 29 जुलाई को वैश्विक बाघ दिवस के र
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