राष्ट्रगान दिवस: 15 अगस्त की नहीं, 27 दिसंबर की याद दिलाता है यह दिन
कई लोग मानते हैं कि राष्ट्रगान दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। राष्ट्रगान दिवस प्रतिवर्ष 27 दिसंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन, 1911 में, 'जन-गण-मन' का पहली बार गायन किया गया था।
यह गीत महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित बंगाली कविता 'भारते भाग्य विधाता' का हिंदी रूपांतर है। इसे सर्वप्रथम कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में प्रस्तुत किया गया था। उस समय भारत अभी भी ब्रिटिश शासन के अधीन था, लेकिन यह गीत आजादी की आवाज को लेकर गूंज उठा था।
हालांकि, 1950 में भारत के संविधान ने इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रगान घोषित किया। इसके बावजूद, राष्ट्रगान की आत्मा 1911 में ही जाग चुकी थी।
15 अगस्त को हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन राष्ट्रगान दिवस हमें याद दिलाता है कि हमने अपनी आजादी का गान उसके कई वर्ष पहले ही गाया था। राष्ट्रगान सिर्फ
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