सऊदी अरब का पुराना नाम और इतिहास

आज हम जिस देश को सऊदी अरब के नाम से जानते हैं, उसका पुराना नाम हिजाज और नजद का साम्राज्य था। यह क्षेत्र अरब प्रायद्वीप के बड़े हिस्से पर कब्जा किए हुए था। 23 सितंबर, 1932 को एक ऐतिहासिक घटना हुई, जब शाह अब्दुल अज़ीज़ बिन सऊद ने घोषणा की कि अब यह इलाका आधिकारिक तौर पर ‘अल-मुमालिकत-अल-अरबिया-अल-सऊदिया’ (सऊदी अरब का अरबी नाम) के नाम से जाना जाएगा।

यह नाम बदलना सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं था, बल्कि एक नए राष्ट्र के जन्म का प्रतीक था। शाह अब्दुल अज़ीज़ ने न केवल भूमि को एकजुट किया, बल्कि उसे एक सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी दी। उन्होंने जल्द ही अपने शासन को इस्लामी मूल्यों पर आधारित बना दिया, जो आज भी देश की नीतियों में झलकता है।

मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहर इसी भूमि पर स्थित हैं, इसलिए सऊदी अरब का मुस्लिम दुनिया में विशेष स्थान है। 1932 से पहले भी यहां सऊद परिवार का प्रभाव था, लेकिन आधिक

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय