केस खारिज का मतलब क्या होता है?

केस खारिज जैसे शब्द हम अक्सर अखबारों या टीवी पर सुनते हैं, खासकर जब किसी मामले की सुनवाई के बाद अदालत कोई फैसला सुनाती है। लेकिन वास्तव में "केस खारिज" का मतलब क्या होता है? सरल शब्दों में कहा जाए, तो जब कोई अदालत किसी मामले को गंभीरता से नहीं लेती या उसे आगे बढ़ने से रोक देती है, तो उसे केस खारिज कहा जाता है।

इसका अर्थ हो सकता है कि मामला बहिष्कृत कर दिया गया है, यानी अदालत ने उसे आगे चलाने के लिए निकाला या रद्द कर दिया है। कभी-कभी केस खारिज इसलिए होता है क्योंकि उसमें कानूनी आधार कमजोर होता है, सबूत नहीं होते, या फरियादी द्वारा गलत जानकारी दी गई होती है।

केस खारिज होने पर आरोपी को तुरंत राहत मिल सकती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह दोषी नहीं है। बस इतना है कि कानूनी तौर पर इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। कई बार केस को अस्वीकृत भी किया जा सकता है — मतलब अदालत ने

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