समन कब जारी किया जाता है?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर समन कब जारी किया जाता है। कानूनी दृष्टि से, समन किसी व्यक्ति को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए बुलाने का एक आधिकारिक आदेश होता है। लेकिन ऐसा तभी जारी किया जा सकता है जब कोई निश्चित कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।
समन तभी जारी किया जा सकता है जब धारा 111 के तहत कोई आदेश पारित किया जा चुका हो।इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति किसी मामले में गवाही देने या अदालत में उपस्थित होने में टालमटोल कर रहा है, तो सीधे वारंट जारी करने के बजाय पहले धारा 111 के तहत एक आदेश जारी किया जाना आवश्यक होता है। इस आदेश के बाद ही समन या वारंट जारी करना कानूनी रूप से वैध होता है।
इस संबंध में दयाराम बनाम राज्य (1965) के मामले में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धारा 113 के तहत वारंट जारी करने से पहले धारा 111 के अधीन आदेश अवश्य होना चाहिए। यह नियम व्यक्ति के न्यायिक अधिकारों की रक्षा के लिए
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