कोर्ट समन कब जारी करती है?
जब किसी मामले में कोर्ट को लगता है कि कोई व्यक्ति गवाही या सुनवाई में शामिल होने के लिए जरूरी है, तो वह उसे कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेज सकती है। यह प्रावधान भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 87 के तहत किया जाता है।
समन एक आधिकारिक नोटिस होता है, जिसके जरिए कोर्ट एक व्यक्ति को निर्धारित तारीख और समय पर अदालत में पेश होने के लिए बुलाती है। अगर वह व्यक्ति बिना किसी वैध कारण के समन की अनदेखी करता है, तो कोर्ट उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है।
अगर कोर्ट को लगता है कि व्यक्ति जानबूझकर समन पर ध्यान नहीं दे रहा है या बार-बार पेश होने से बच रहा है, तो वह अपने कारण दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकती है। यह वारंट पुलिस को उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का अधिकार देता है।
इस तरह, समन सिर्फ एक आमंत्रण नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। कोर्ट की अवहेलना करने पर गंभीर परिणाम हो स
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।