मुकदमा खारिज का क्या अर्थ होता है?

अक्सर अदालतों में कई मुकदमे ऐसे भी लंबित रह जाते हैं, जिनकी कभी सुनवाई नहीं हो पाती। ऐसे में जब कोई मामला कानूनी रूप से आगे नहीं बढ़ पाता या उसे अदालत द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाता, तो उसे मुकद मा खारिज कर दिया जाता है।

मुकदमा खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि वह मामला गलत था, बल्कि इसका अर्थ है कि उस पर सुनवाई नहीं हुई या कारणों में कमी होने के कारण उसे आगे नहीं बढ़ाया गया। ऐसा तब होता है जब याचिकाकर्ता द्वारा दायर किया गया मामला तथ्यों या सबूतों के आधार पर पर्याप्त नहीं पाया जाता, या फिर मामले की सुनवाई के लिए आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए जाते।

कई बार लोग बिना गहराई में जाए मामले दर्ज करा देते हैं, और जब उन्हें समय या सबूत नहीं मिलते, तो अदालत उसे खारिज कर देती है। इसके अलावा, अगर कोई प्रक्रिया नियमों के खिलाफ जाता है या फिर मामला दायर करने की समय सीमा पूरी हो चुकी हो, तो भी अदालत मुकदमे को ख

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