कोयल: प्रकृति की चतुर चिड़िया जो घोंसला नहीं बनाती
कोयल एक ऐसी पक्षी है जो अपना खुद का घोंसला नहीं बनाती। इसके बजाय, वह दूसरे पक्षियों के घोंसलों में अपने अंडे देती है। यह पक्षी आमतौर पर कौए, चिड़ियों या छोटे पक्षियों के घोंसलों में अपने अंडे छोड़ देती है। फिर उस घोंसले के मालिक ही अंडों की देखभाल करते हैं और बच्चे को पालते हैं।
यह व्यवहार पक्षियों की दुनिया में दुर्लभ नहीं है, लेकिन कोयल इसमें सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। वैज्ञानिक इसे “पैरासिटिक ब्रूडिंग” कहते हैं—यानी दूसरे के घर में अपनी संतान पालना।
कोयल की मीठी आवाज के बावजूद, यह बहुत चतुर भी है। वह अपने अंडे ऐसे समय देती है जब मेजबान पक्षी अपने घोंसले से दूर होता है। कई बार तो वह उसके अंडे निकालकर फेंक देती है ताकि उसका अंडा अकेला बचा रहे।
गर्मियों के मौसम में कोयल की आवाज आम सुनाई देती है। भारतीय संस्कृति में इसे प्रेम और वसंत का प्रतीक माना जाता है। ल
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