फूल से फल कैसे बनता है?
हम सभी ने देखा है कि पेड़ों पर फूल खिलते हैं और कुछ समय बाद उनकी जगह फल आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फूल से फल कैसे बनता है? इसके पीछे प्रकृति की एक सुन्दर और जटिल प्रक्रिया होती है।
परागण के बाद शुरू होती है निषेचन की प्रक्रियाजब फूल के परागकण स्त्री जननांग के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो परागण पूरा होता है। इसके बाद निषेचन की प्रक्रिया होती है। इसी निषेचन के कारण फूल का अंडाशय धीरे-धीरे फल में बदल जाता है। यानी, अंडाशय ही अंततः फल बन जाता है।
फल बनने के बाद वे तीन प्रकार के हो सकते हैं – साधारण फल, जैसे आम या अमरूद, जो एकल अंडाशय से बनते हैं; गुच्छेदार फल, जैसे केला, जो कई फूलों से मिलकर बनते हैं; और बहुखण्डित फल, जैसे स्ट्रॉबेरी, जो एक ही फूल के कई अंडाशयों से बनते हैं।
इस तरह प्रकृति की सूक्ष्म योजना के तहत फूल धीरे-धीरे फल में बदल जाते हैं। यह न सिर्फ खाने योग्य होते हैं,
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।