कर्नाटक: चन्दन की लकड़ी का अभयारण्य
कर्नाटक भारत में चन्दन की लकड़ी के सबसे अधिक वनों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मिट्टी और जलवायु चन्दन के पेड़ों के लिए आदर्श है, जिस कारण यह क्षेत्र इस बहुमूल्य लकड़ी का प्राकृतिक घर बन गया है।
इतना तो इतिहास भी कहता है कि कर्नाटक को प्राचीन काल से ही मलय यानी चन्दन का देश कहा जाता रहा है। यहाँ के घने जंगलों में सैकड़ों साल पुराने चन्दन के पेड़ अभी भी अपनी सुगंध और महक बिखेर रहे हैं।
चन्दन की लकड़ी सिर्फ खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद, धार्मिक अनुष्ठान और हस्तशिल्प के क्षेत्र में भी अत्यधिक महत्व रखती है। कर्नाटक सरकार ने इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं, क्योंकि अवैध कटाई और तस्करी के कारण यह प्रजाति लुप्तप्राय होने के कगार पर भी पहुँच चुकी है।
आज भी जब कोई चन्दन की तेल या लकड़ी की बात करता है, तो कर्नाटक का नाम सबसे पहले आता है। यहाँ की संस्कृति और प्रकृति दोनों में चन्दन
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