पूजा में तिलक कब और कैसे लगाएं?
पूजा के दौरान तिलक लगाना आस्था और सम्मान का प्रतीक है। यह न केवल देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा दिखाता है, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धता का भी संकेत देता है। तिलक लगाने का सबसे उचित समय वह होता है जब आप स्नान कर चुके हों, स्वच्छ वस्त्र पहन लिए हों और मन शांत हो।
पूजा शुरू करने से पहले खुद को या फिर देवी-देवता की मूर्ति पर तिलक लगाने की परंपरा है। यह महत्वपूर्ण है कि तिलक लगाते समय आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो। कहा जाता है कि इस दिशा में बैठने से ऊर्जा का सकारात्मक प्रवाह बनता है।
तिलक सिर्फ एक रीति नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक अर्थ छिपा है। मान्यता है कि मस्तिष्क के बीचोंबीच तिलक लगाने से तीसरी आंख यानी आंतरिक ज्ञान को जागृत करने में मदद मिलती है। इसलिए इसे सावधानी और श्रद्धा से लगाना चाहिए।
चाहे आप खुद को तिलक लगा रहे हों या किसी अन्य को, शुद्धता, सम्मान और उचित दिशा का ध्यान रखना ज
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।