लाल चंदन की मांग: एक बढ़ती लोकप्रियता

लाल चंदन, जिसे लालचंदन या रेड सैंडलवुड भी कहा जाता है, एक ऐसा वृक्ष है जिसकी मांग भारत में पिछले कुछ दशकों में लगातार बढ़ी है। यह वृक्ष मुख्यतः तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के घने जंगलों में पाया जाता है। लाल चंदन की लकड़ी न केवल सुगंधित होती है, बल्कि अत्यधिक मूल्यवान भी मानी जाती है, जिसके कारण इसकी मांग दुनियाभर में है।

धार्मिक और सौंदर्य संस्कृति में महत्व

लाल चंदन का उपयोग हिंदू धर्म में भगवान को अर्पित तिलक या पेस्ट बनाने के लिए किया जाता है। साथ ही, इसकी लकड़ी से बने मालाओं, मूर्तियों और सजावटी सामानों की भी बहुत मांग है। इसके अलावा, यह त्वचा संबंधी उत्पादों और इत्र बनाने में भी काम आता है।

मांग और अवैध कटान

बढ़ती मांग के कारण लाल चंदन के अवैध कटान की घटनाएं भी बढ़ी हैं। यह वृक्ष अब लुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी में आ चुका है। सरकारों ने इसकी कटाई और तस्करी पर कड़े नियंत्र

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