तिलक लगाने का आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ

तिलक लगाना भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख हिस्सा है। यह केवल धार्मिक चिह्न नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक शांति का भी साधन है। कई लोग सोचते हैं कि तिलक कंठ पर लगाया जाता है, लेकिन वास्तव में इसे अधिकतर भौहों के बीच (भ्रुकुटि), माथे या नाभि पर लगाया जाता है।

तिलक की स्थिति से यह भी पता चलता है कि व्यक्ति किस धार्मिक सम्प्रदाय से जुड़ा है। उदाहरण के लिए, शिव भक्त बिंदीदार तिलक लगाते हैं, जबकि विष्णु भक्त ऊर्ध्वपुंड्र धारण करते हैं। इस छोटी सी परंपरा में गहरा अर्थ छिपा है।

वैज्ञानिक दृष्टि से भी तिलक लगाने में फायदा है। माथे के बीच का बिंदु तीसरी आंख या आज्ञा चक्र के रूप में जाना जाता है। इस स्थान पर तिलक लगाने से मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। कई आचार्यों के अनुसार, तिलक में उपयोग होने वाली सामग्री—जैसे चंदन, कुंकुम या गंगाजल, शरीर के लिए लाभकारी होती हैं।

इसके अल

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