भारत में लाल चंदन की प्राकृतिक उपस्थिति
भारत में लाल चंदन (Red Sandalwood) मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के तिरुमला, तिरुपति और चित्तूर जिलों के पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। इसे स्थानीय रूप से 'रेड सेंडलवुड' या 'रक्त चंदन' भी कहा जाता है। यह पेड़ आर्थिक और आध्यात्मिक दोनों महत्व का प्रतीक है।
लाल चंदन का वैज्ञानिक नाम Pterocarpus santalinus है और यह फ़बेसी (Fabaceae) कुल का है। यह केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही उगता है, जहाँ जलवायु, मिट्टी और वर्षा की परिस्थितियाँ इसके लिए अनुकूल होती हैं। इसकी लकड़ी घनी और गहरे लाल रंग की होती है, जिसकी मांग विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक है।
इसके कारण, लाल चंदन के अवैध कटाव और तस्करी की घटनाएँ भी आम रही हैं। सरकार ने इसकी सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं और इसे लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इसके अलावा, लाल चंदन का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में भी होता है। कई मंदिरों में
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