लाल चंदन: इतना महंगा क्यों?

लाल चंन दुनिया का सबसे महंगा पेड़ माना जाता है। इसकी लकड़ी की कीमत प्रति किलो लगभग 27,000 रुपये तक होती है। इतनी ऊंची कीमत के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, यह पेड़ बहुत धीमी गति से बढ़ता है। एक पूरी तरह परिपक्व लाल चंदन के पेड़ में 20 से 30 साल तक का समय लग जाता है।

चंदन के पेड़ की खास बात यह है कि यह पूरे भारत में बहुत सीमित मात्रा में पाया जाता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसकी खेती की जाती है, लेकिन सरकार की सख्त निगरानी में।

जब चंदन के पौधे परिपक्व हो जाते हैं, तो मालिक को वन विभाग को सूचना देनी होती है। बिना अनुमति के इसे काटना गैरकानूनी है। वन विभाग की ओर से जांच के बाद ही कटाई और निर्यात की अनुमति दी जाती है।

लाल चंदन की लकड़ी दुर्लभ होने के साथ-साथ सुगंधित भी होती है। इसका उपयोग इत्र, धार्मिक अनुष्ठान और हस्तशिल्प में ज्यादा किया जाता है। विदेशों में इसकी मांग बहुत

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