अफारा का अर्थ क्या होता है?

कई बार हम ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिनके असली अर्थ के बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती। उन्हीं में से एक है – अफारा। आम बोलचाल में यह शब्द काफी सुनने को मिलता है, खासकर घरों में, जब कोई वस्तु की सफेदी का वर्णन करता है।

दरअसल, अफारा का अर्थ होता है – धूल जैसा सफेद या मलिन सफेद रंग। यह शब्द फारसी मूल का है और हिंदी, उर्दू और बोलचाल की भाषा में आमतौर पर प्रकृति, कपड़ों या चेहरे के रंग के संदर्भ में इस्तेमाल होता है। मसलन, अगर कोई व्यक्ति बहुत थक गया हो या उसका रंग उतरा हुआ लग रहा हो, तो कहा जा सकता है – “उसका चेहरा अफारा पड़ गया है।”

इस तरह, अफारा सिर्फ एक रंग नहीं बताता, बल्कि किसी की थकान, सूखापन या धूल-मिट्टी वाली स्थिति का भी एहसास दिलाता है। कभी-कभी लोग गलती से इसे सादे सफेद रंग के लिए इस्तेमाल कर देते हैं, लेकिन असल में यह थोड़ा मलिन, धुंधला सफेद होता है – जैसे बारिश के बाद सड़क प

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय