भैंस के दूध में खून क्यों आता है?
कभी-कभी किसानों को भैंस के दूध में खून या गाढ़ा पदार्थ दिखाई देता है। ऐसा अक्सर थनैला रोग (मेस्टाइटिस) के कारण होता है। यह रोग भैंस के थनों में बैक्टीरिया के संक्रमण से उत्पन्न होता है। जब भैंस संक्रमित हो जाती है, तो उसके थन गर्म, सूजे हुए और दर्द भरे हो जाते हैं।
थनैले के शुरुआती दौर में ही पशु का शरीर का तापमान बढ़ जाता है और दूध की गुणवत्ता तेजी से खराब होने लगती है। दूध में छटका, पीभ (पस) और कभी-कभी खून भी दिखाई देने लगता है। यह लक्षण दिखते ही किसानों को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
अगर समय रहते उपचार न किया जाए, तो भैंस का दूध देने का स्तर घट सकता है या रोग गंभीर हो सकता है। इसलिए नियमित स्वच्छता, थनों का ध्यान रखना और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना बहुत जरूरी है।
थनैला रोग न सिर्फ दूध की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि पशु की सेहत और किस
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