अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?

अमीबा एक एककोशिकीय जीव है, जो सरल तरीके से अपना भोजन प्राप्त करता है। इसकी प्लाज्मा झिल्ली लचीली होती है, जिसकी मदद से वह भोजन ग्रहण करता है। जब अमीबा के पास कोई छोटा कण या बैक्टीरिया होता है, तो वह अपनी झिल्ली को धीरे से अंदर की ओर मोड़कर एक कप के आकार का गड्ढा बना लेता है।

इस गड्ढे में भोजन प्रवेश कर जाता है और फिर झिल्ली पूरी तरह से भोजन को घेर लेती है। इस प्रक्रिया को एन्डोसाइटोसिस कहा जाता है। इस तरह भोजन के चारों ओर एक छोटी थैली बन जाती है, जिसे खाद्यधानी कहते हैं।

खाद्यधानी अमीबा के शरीर में ही घूमती है और धीरे-धीरे भोजन को पचाती है। जैसे-जैसे भोजन पचता है, अमीबा को ऊर्जा मिलती है और वह बढ़ता-फूलता है। इस प्रक्रिया में कोई जटिल अंग नहीं होते — सिर्फ एक झिल्ली और सूक्ष्म कोशिका भीतर चमत्कार कर देती है।

अमीबा का यह साधारण लेकिन प्रभावी तरीका हमें यह दिखाता है कि प्रकृति में

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