मगरमच्छ और उनके आंसू: एक रहस्यमयी सच्चाई

"मगरमच्छ के आंसू" वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कहावत बिना वजह नहीं है? मगरमच्छ वाकई आंसू बहाते हैं, और यही कारण है कि वे दुनिया भर में इस तरह प्रसिद्ध हैं।

लेकिन यहां एक बात समझना ज़रूरी है — मगरमच्छ के आंसू भावनाओं के कारण नहीं, बल्कि शारीरिक आवश्यकता के कारण बहते हैं। जब वे किसी शिकार को खाते हैं, तो उनकी आंखों के पास मौजूद ग्रंथियां एक तरल स्रावित करती हैं, जिसे बाहर से आंसू समझा जाता है। यह तरल आंखों को नम रखने और लवण के संतुलन में मदद करता है।

इतिहास में भी मगरमच्छों के आंसू को लेकर कई किंवदंतियां हैं। प्राचीन मिस्र में तो इन्हें देवता की तरह पूजा जाता था। कहा जाता है कि जब मगरमच्छ अपने शिकार को खाते हैं, तो उनकी आंखों से तरल बहता है, जिसे लोग आंसू मान बैठे। इसी से “मगरमच्छ के आंसू” वाली अभिव्यक्ति को झूठी सहानुभूति के लिए प्रयोग किया ज

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