केरल के लोगों का पारंपरिक पहनावा

केर की संस्कृति इतनी विशिष्ट है कि यहाँ के लोगों का पहनावा भी उसी की झलक पेश करता है। मुंडू केरल के पुरुषों का सबसे सामान्य और पारंपरिक पहनावा है। यह एक सादा, सफेद कपड़ा होता है जिसे कमर के आसपास लपेटकर पहना जाता है। कई बार इस पर सोने या चांदी के तारों से बनी चमकीली पट्टी (जिसे 'जरी' कहते हैं) भी होती है, खासकर त्योहारों या विशेष अवसरों के लिए।

मुंडू धोती और लुंगी से मिलता-जुलता है, लेकिन इसकी शैली और तरीका अलग है। यह न सिर्फ केरल में, बल्कि तुलुनाडु क्षेत्र (दक्षिण कन्नड़ जिला, कर्नाटक) में भी पहना जाता है। तुलु भाषा बोलने वाले समुदाय और बेरी समुदाय के लोग भी मुंडू को अपने दैनिक जीवन में पहनते हैं।

महिलाएं यहाँ पारंपरिक केरल साड़ी या कसावू साड़ी पहनती हैं, जो मुंडू की तरह ही सूती या रेशमी सामग्री से बनी होती है। इस साड़ी की लाल-सुनहरी बॉर्डर बेहद खास होती है।

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